Saturday, February 22, 2025
Monday, October 2, 2023
Monday, April 30, 2012
001. तोमर छन्द - 'गांधी जयन्ती'
छन्द - 001
विधा : तोमर सममात्रिक छन्द, कुल चार चरण, प्रति चरण 12 मात्राएँ, सभी चरणों का अन्त गुरु लघु (ऽ।) से आवश्यक,
प्रथम एवं द्वितीय तथा तृतीय एवं चतुर्थ चरण में तुक समान।
🇮🇳🌷🙏🌷🇮🇳
गांधी जयन्ती आज, आज बन्द राज काज॥
राष्ट्रपिता राष्ट्र शान, विश्व सकल करे मान॥1॥
सत्य कर्म राष्ट्र धर्म, जीवन का समझ मर्म।
मोह लोभ छोड़ राग, चल पड़े डर को त्याग॥2॥
सत्य अहिंसा विशेष, शस्त्र धार सत्व वेष।
राह चुना असहयोग, जग में चकित थे लोग॥3॥
हुआ नहीं रक्तपात, विजयी हुआ कृश गात।
याद करें वही रात, शासक को मिली मात॥4॥
गांधी के तीन मंत्र, मान हुए हम स्वतंत्र।
प्रिय हमें है गणतंत्र, भारत का लोकतंत्र॥5॥
गांधी जयन्ती धूम, उत्सव मनायें झूम।
सत्य प्रेम दया धर्म, अपना लें मान कर्म॥6॥
🌸
कुन्तल श्रीवास्तव.
डोंबिवली, महाराष्ट्र.
स्वरचित.
28/09/2023
Thursday, December 31, 2009
New Year Orkut Scraps - New Year Scrap for Orkut
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Tuesday, December 29, 2009
Monday, December 28, 2009
Thursday, December 24, 2009
Monday, December 14, 2009
Friday, December 11, 2009
दिवा रानी...बड़ी सयानी...!
दिवा रानी !
कैसी हो ?आज बहुत दिनों बाद तुमसे ब्लॉग पर बात कर रही हूँ। इन्टरनेट पर तो हम अक्सर बात कर ही लेते हैं। तुम्हारी प्यारी-प्यारी बातें, तुम्हारी शरारात्तें हम सबको बहुत अच्छी लगती हैं। अब तो तुम सब बातें समझने लगी हो और अपनी बातें समझाने भी लगी हो।
मम्मा -पापा हमेशा तुम्हारी तुम्हारी फोटो और वीडियो हमें पिकासा पर भेजते रहते हैं। मैं उनमें से कुछ में अपने ब्लॉग में लगा देती हूँ और कुछ ऑरकुट में लगा देती हूँ ताकि सब लोग उन्हें देखें और अपनी प्यारी दिवा दी डुमडुम से मिलते रहें।
प्यारी दीबू ! आजकल तुम अपनी तीन पहियों वाली वाली साईकिल चलाती हो और पापा की नयी कार भी ! पापा -मम्मा के साथ गाना गाती हो और टीवी देख कर डांस भी करती हो। कभी मम्मा के साथ aकाम कराती हो तो कभी पापा के काम में मदद करती हो। अपनी बुक से कभी ख़ुद पढ़ती हो तो कभी मम्मा-पापा को ही पढ़ाती हो।
डुमडुम रानी ! आज कल तुम कभी चिड़िया , कुत्ता, कौवा , बन्दर, शेर, बिल्ली के आवाज निकलती हो तो कभी नानी तेरी मोरनी, दादी अम्मा , मम्मी ने चाय पे बुलाया है, लकड़ी की काठी ,चुन-चुन करती आयी चिड़िया ... जैसे गानों और बाबा ब्लैक शीप , क्लैप योर हैण्ड , मछली जल की रानी है ... जैसी कविताओं पर लुभावने एक्शन कर के दिखाती हो। दिवा ! तुम्हारी यह सब बातें हमें कितना लुभाती हैं... हम बता नहीं सकते।
मेरी नन्ही-मुन्नी गुड़िया ! तुम्हें कभी किसी की नजर न लगे। ईश्वर तुम्हें सदा खुश रखे। तुम खूब पढ़ो-लिखो , बुद्धिमान बनो। जग में कोई नया काम करो। अपना, अपने परिवार का और अपने देश
का नाम पूरे संसार में रोशन करो। तुम्हारे दादा-दादी और पूरे परिवार की यही कामना है । दिवा रानी
हम सबका आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है।
अगली बार तुम्हे फिर एक नयी कहानी सुनाऊँगी, जिसे मेरी दादीजी ने मुझे सुनाया था। जिसे मेरी दादीजी ने अपनी दादी माँ से सुना था और उन्होंने शायद अपनी दादी अम्मा से...!!! -तुम्हारी दादी।
कैसी हो ?आज बहुत दिनों बाद तुमसे ब्लॉग पर बात कर रही हूँ। इन्टरनेट पर तो हम अक्सर बात कर ही लेते हैं। तुम्हारी प्यारी-प्यारी बातें, तुम्हारी शरारात्तें हम सबको बहुत अच्छी लगती हैं। अब तो तुम सब बातें समझने लगी हो और अपनी बातें समझाने भी लगी हो।
मम्मा -पापा हमेशा तुम्हारी तुम्हारी फोटो और वीडियो हमें पिकासा पर भेजते रहते हैं। मैं उनमें से कुछ में अपने ब्लॉग में लगा देती हूँ और कुछ ऑरकुट में लगा देती हूँ ताकि सब लोग उन्हें देखें और अपनी प्यारी दिवा दी डुमडुम से मिलते रहें।
प्यारी दीबू ! आजकल तुम अपनी तीन पहियों वाली वाली साईकिल चलाती हो और पापा की नयी कार भी ! पापा -मम्मा के साथ गाना गाती हो और टीवी देख कर डांस भी करती हो। कभी मम्मा के साथ aकाम कराती हो तो कभी पापा के काम में मदद करती हो। अपनी बुक से कभी ख़ुद पढ़ती हो तो कभी मम्मा-पापा को ही पढ़ाती हो।
डुमडुम रानी ! आज कल तुम कभी चिड़िया , कुत्ता, कौवा , बन्दर, शेर, बिल्ली के आवाज निकलती हो तो कभी नानी तेरी मोरनी, दादी अम्मा , मम्मी ने चाय पे बुलाया है, लकड़ी की काठी ,चुन-चुन करती आयी चिड़िया ... जैसे गानों और बाबा ब्लैक शीप , क्लैप योर हैण्ड , मछली जल की रानी है ... जैसी कविताओं पर लुभावने एक्शन कर के दिखाती हो। दिवा ! तुम्हारी यह सब बातें हमें कितना लुभाती हैं... हम बता नहीं सकते।
मेरी नन्ही-मुन्नी गुड़िया ! तुम्हें कभी किसी की नजर न लगे। ईश्वर तुम्हें सदा खुश रखे। तुम खूब पढ़ो-लिखो , बुद्धिमान बनो। जग में कोई नया काम करो। अपना, अपने परिवार का और अपने देश
का नाम पूरे संसार में रोशन करो। तुम्हारे दादा-दादी और पूरे परिवार की यही कामना है । दिवा रानी
हम सबका आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ है।
अगली बार तुम्हे फिर एक नयी कहानी सुनाऊँगी, जिसे मेरी दादीजी ने मुझे सुनाया था। जिसे मेरी दादीजी ने अपनी दादी माँ से सुना था और उन्होंने शायद अपनी दादी अम्मा से...!!! -तुम्हारी दादी।
Thursday, December 10, 2009
Monday, November 30, 2009
Saturday, November 21, 2009
Wednesday, November 18, 2009
nanha kachhua
मैं नन्हा प्यारा-सा कछुआ
नदी किनारे रहता हूँ
अपनी गरदन हिलाहिला कर
हेलो-हेलो करता हूँ
ठुम्मक-ठुम्मक डुमक-डुमक
धीमे -धीमे चलता हूँ
अपनी खोल मुझे है प्यारी
बाहर नहीं निकलता हूँ
Friday, November 6, 2009
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